सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के शेयर 2 प्रतिशत गिर गए अब एक शेयर का दाम 8.87 रुपये रह गया। यह खबर सुनने के बाद कई लोगों ने चिंता जताई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की एक जरूरी याचिका की सुनवाई 27 अक्टूबर तक के लिए आगे बढ़ा दी। इस याचिका का संबंध AGR यानी Adjusted Gross Revenue विवाद से है। यह मामला कई सालों से चल रहा है और इससे टेलीकॉम कंपनियों पर बड़ा असर पड़ता है।
AGR क्या होता है
AGR का मतलब है कंपनी की कुल कमाई का हिसाब। सरकार का कहना है कि जो भी टेलीकॉम कंपनियाँ हैं, उन्हें अपनी कुल कमाई पर लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम शुल्क देना चाहिए। लेकिन कंपनियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ अपने मोबाइल या इंटरनेट जैसी मुख्य सेवाओं से हुई कमाई पर ही यह फीस देनी चाहिए। यही बात दोनों के बीच झगड़े की जड़ बन गई। सरकार चाहती है कि पूरी कमाई जोड़ी जाए, जबकि कंपनियाँ चाहती हैं कि सिर्फ असल सेवाओं की कमाई गिनी जाए। इसी वजह से वोडाफोन आइडिया और सरकार के बीच यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई क्यों टली
वोडाफोन आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई थी। कंपनी चाहती थी कि दूरसंचार विभाग द्वारा मांगे गए 5606 करोड़ रुपये की राशि को दोबारा जांचा जाए। कंपनी ने कहा कि पुराने बकाया AGR की फिर से सही गणना होनी चाहिए। लेकिन अदालत ने इस पर तुरंत कोई फैसला नहीं लिया। सुनवाई अब 27 अक्टूबर को होगी। सुनवाई टलने की खबर बाहर आते ही निवेशकों को निराशा हुई। कई लोगों ने अपने शेयर बेच दिए, जिससे शेयर की कीमत गिर गई। निवेशकों की उम्मीद थी कि अदालत से कंपनी को कुछ राहत मिलेगी, लेकिन अब उन्हें कुछ और दिन इंतज़ार करना पड़ेगा।
सरकार और कंपनी की बातचीत जारी
हालांकि खबर निराशाजनक थी, लेकिन सरकार और कंपनी के बीच बातचीत अभी भी जारी है। सरकार एक ऐसा तरीका सोच रही है जिससे कंपनी एक बार में पैसा चुका सके। साथ ही हो सकता है कि सरकार कुछ जुर्माना और ब्याज माफ भी कर दे। अगर यह समझौता हो जाता है, तो यह वोडाफोन आइडिया के लिए बहुत राहत की बात होगी। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में कंपनी की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है।
मार्केट में शेयर का हाल
मार्केट रिपोर्ट्स कहती हैं कि फिलहाल शेयर की कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पर सबकी नजर अब कंपनी की अगली योजनाओं पर है। लोग यह देखना चाहते हैं कि वोडाफोन आइडिया नई फंडिंग कब और कैसे जुटाएगी। साथ ही कंपनी का 5G नेटवर्क लाने का प्लान भी सबको दिलचस्प लग रहा है। अगर कंपनी अच्छे से फंडिंग जुटा पाती है और अपना कर्ज घटा लेती है, तो आने वाले महीनों में इसके शेयर फिर बढ़ सकते हैं।
निवेशकों की उम्मीदें अब 27 अक्टूबर
पिछले छह महीनों में कंपनी के शेयर लगभग 22 प्रतिशत बढ़े थे, लेकिन पूरे साल की बात करें तो इनमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। अभी कंपनी पर आर्थिक दबाव बना हुआ है, लेकिन बहुत से निवेशक मानते हैं कि स्थिति सुधर सकती है। अब सबकी नजर 27 अक्टूबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। इस सुनवाई में क्या फैसला होगा, इसी पर वोडाफोन आइडिया का आने वाला भविष्य काफी हद तक निर्भर करेगा।