30 अक्टूबर 2025 को Vodafone Idea के शेयर में अचानक भारी गिरावट देखी गई। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की एडजस्टेड ग्रास रेवेन्यू (AGR) से जुड़ी याचिका पर लिखित आदेश दिया, जिससे शेयरों में 12% से ज्यादा की गिरावट आ गई। पहले उम्मीद थी कि कोर्ट का निर्णय पॉजिटिव रहेगा, इसी वजह से शेयर 27 अक्टूबर को एक साल के उच्चतम स्तर ₹10.57 पर पहुंच गया था, लेकिन लिखित आदेश के बाद यह ₹8.49 तक गिर गया। इंट्रा-डे में तो ₹8.21 तक शेयर का भाव चला गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सीमा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार 27 अक्टूबर को केंद्र सरकार को सिर्फ वोडाफोन आइडिया के अतिरिक्त AGR बकाए (₹9,450 करोड़) पर ही पुनर्विचार की इजाजत दी है। यह छूट केवल विशेष परिस्थितियों में दी गई है और सिर्फ अतिरिक्त AGR डिमांड तक सीमित है। वोडाफोन आइडिया द्वारा मांगी गई राहत में जुर्माना व ब्याज माफ करने की बात शामिल नहीं थी, इसलिए कोर्ट ने उस हिस्से पर कोई आदेश नहीं दिया।
Vodafone Idea शेयर प्राइस
आदेश के तुरंत बाद वोडाफोन आइडिया का शेयर 9.39% गिर कर ₹8.49 पर बंद हुआ, जिसमें इन्ट्राडे में 12.38% की गिरावट देखी गई। हाल ही में 14 अगस्त 2025 को यह शेयर ₹6.12 के निचले स्तर पर था, जबकि 27 अक्टूबर को ₹10 के पार गया था। इस फैसले से निवेशकों में असमंजस की स्थिति बन गई, जिससे शेयर पुनः दबाव में आ गए। पिछले तीन ट्रेडिंग सत्रों में कुल 16% तक शेयर की कीमत खत्म हो गई.
ब्रोकरेज फर्मों की राय
आईआईएफएल फाइनेंस जैसी ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि सरकार और कंपनी को मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के लिए स्पष्टीकरण मांगना चाहिए। साथ ही, तब तक वोडाफोन आइडिया और इंडस टावर्स के शेयरों में कमजोरी रह सकती है। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ अतिरिक्त AGR मांग पर पुनर्विचार का आदेश दिया है, जबकि ₹80,000 करोड़ के मूल AGR बकाए पर कोई राहत नहीं दी गई। इससे सेक्टर के अन्य शेयरों जैसे भारती एयरटेल और इंडस टावर्स पर भी दबाव देखने को मिला.
Vodafone Idea फाइनेंशियल डेटा
Vodafone Idea वर्तमान में लगभग ₹1.96 लाख करोड़ के कुल कर्ज में है, जिसमें से AGR देनदारी लगभग ₹76,000 करोड़ है. हाल के महीनों में कंपनी ने फंड जुटाने के प्रयास तेज किए हैं और सरकार की 49% हिस्सेदारी इसके संचालन के लिए महत्वपूर्ण कारण है। लेकिन कंपनी की लंबी अवधि की आर्थिक स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है.
निवेशकों और सेक्टर के लिए आगे की राह
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद Vodafone Idea के लिए सीमित राहत मिली है, लेकिन पूरे AGR मामले की विस्तृत समीक्षा नहीं हुई है। बाजार में असमंजस और शेयरों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में जारी रह सकता है। सरकार और कंपनी को अदालत से पूरी स्पष्टता का इंतजार करना चाहिए, ताकि भविष्य की दिशा तय हो सके।