सितंबर 2025 तिमाही (Q2 FY26) में Swiggy का कंसोलिडेटेड घाटा (Net Loss) बढ़कर ₹1,092 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह घाटा ₹626 करोड़ था। हालांकि, कंपनी की कुल कमाई (Revenue from Operations) में तगड़ी 54.4% की वार्षिक ग्रोथ देखने को मिली, जो ₹3,601 करोड़ से बढ़कर ₹5,561 करोड़ पहुंच गई।
EBITDA मार्जिन और लागत का हाल
BITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पर Swiggy को ₹798 करोड़ का घाटा हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹553 करोड़ से ज्यादा है। कंपनी की कुल खर्च भी 55.7% बढ़कर ₹6,711 करोड़ हो गई। खासकर, विज्ञापन और मार्केटिंग का खर्च 93% बढ़कर ₹1,039 करोड़, डिलीवरी से जुड़ा खर्च 30% बढ़कर ₹1,426 करोड़ तथा कर्मचारियों की सैलरी 13% बढ़कर ₹690 करोड़ तक पहुंची।
फूड डिलिवरी और क्विक कॉमर्स प्रदर्शन
सेगमेंट-वाइज देखें तो Swiggy का सबसे बड़ा योगदान क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart से रहा, जिससे 108% तेजी के साथ ₹980 करोड़ की कमाई हुई, जो पिछले साल ₹490 करोड़ थी। वहीं फूड डिलिवरी बिजनेस की कमाई ₹1,577 करोड़ से बढ़कर ₹1,923 करोड़ रही। फूड डिलिवरी ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) 18.8% बढ़कर ₹8,542 करोड़ रही और मासिक एक्टिव यूज़र्स में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज हुई।
ऑपरेशंस व ग्रोथ की रणनीति
Swiggy ने गलाकाट कॉम्पिटिशन और नए यूज़र जुड़ने के चलते कई सब्सक्रिप्शन और आउटरीच प्रोग्राम भी बढ़ाए हैं। Instamart में 40 नई डार्क स्टोर्स जोड़कर देशभर में 1,102 डार्क स्टोर्स का नेटवर्क बना लिया गया है। औसत ऑर्डर वैल्यू करीब 39.7% बढ़कर ₹697 हो गई है, और कंपनी अब नॉन-ग्रॉसरी कैटेगरी में भी एग्रेसिव विस्तार कर रही है।
मार्केट और भविष्य की योजनाएं
Swiggy के मजबूत ग्रोथ के बावजूद, बढ़ती निवेश लागत और ऑपरेटिंग खर्च के कारण घाटा काफी बढ़ गया है। कंपनी अब फोकस कर रही है कि यूनिट इकॉनॉमिक्स बेहतर की जाए और प्लेटफॉर्म के EBITDA स्तर पर आने वाले समय में मुनाफा लाया जाए। एनालिस्ट्स का मानना है कि Swiggy की यूज़र एंगेजमेंट व मार्केट कवर दोनों बढ़ रहे हैं, जिससे मार्केट में इसकी पोजीशन और मजबूत हो रही है।
(यह लेख कोई निवेश सलाह नहीं है इसलिए निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह करें)