Railway Sector : ओरिएंटल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सब्सिडियरी ओरिएंटल फाउंड्री प्राइवेट लिमिटेड को साउथ ईस्टर्न रेलवे से ₹1,08,83,004.30 का नया ठेका मिला है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 483 हाई टेंसाइल सेंटर बफर कपलर्स बनाने और सप्लाई करने हैं, जो रेलवे के मालगाड़ियों में इस्तेमाल होंगे। यह अनुबंध ई-टेंडर प्रक्रिया के तहत हासिल किया गया है और इसे 30 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना होगा। ऑर्डर में तैयार सामान की डिलीवरी और इंस्पेक्शन के बाद पूरी पेमेंट दी जाएगी।
शेयर प्राइस में तेजी
इस महत्वपूर्ण ऑर्डर की खबर आने पर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है और 28 अक्टूबर को कंपनी का शेयर लगभग 3% बढ़कर ₹165.15 के आसपास पहुंच गया। हाल के एक सप्ताह में शेयर में 14% का उछाल देखने को मिला है, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसने करीब 356% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप ₹1,107 करोड़ से अधिक है, जबकि इसका 52-वीक हाई ₹369.45 और लो ₹128.95 पर रहा है। मौजूदा पीई रेशो 36.82 है और डिविडेंड यील्ड 0.06% रिपोर्ट की गई है।
हाल में मिले अन्य ऑर्डर्स
इसी महीने ओरिएंटल फाउंड्री को नॉर्दर्न रेलवे से भी एक बड़ा ऑर्डर मिला था, जिसकी वैल्यू ₹3,15,79,632 है और इसके तहत 1,416 हाई टेंसाइल सेंटर बफर कपलर्स सप्लाई किए जाएंगे। ये अनुबंध 15 सितंबर 2026 तक पूरे किए जाने हैं। ऐसे अनुबंध कंपनी की ऑर्डर बुक को लगातार मजबूत बना रहे हैं।
दमदार ऑर्डर बुक की स्थिति
Oriental Rail Infrastructure और इसकी सब्सिडियरी ओरिएंटल फाउंड्री के पास कुल लगभग ₹2,242.42 करोड़ के ऑर्डर हैं। कंपनी रेलवे से जुड़े रेक्रॉन, सीट एवं बर्थ, कॉम्प्रेग बोर्ड्स के निर्माण, खरीद-फरोख्त के साथ साथ टिंबर वुड ट्रेडिंग भी करती है। इनके उत्पाद राजधानी एक्सप्रेस, दूरंतो एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के कोच में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी का उत्पादन महाराष्ट्र के शाहपुर में स्थित गांव अघाई में होता है। इस कंपनी में दिग्गज निवेशक मुकेश अग्रवाल ने भरोसा जताया है और सितंबर 2025 तक उनका 5.07% हिस्सा कंपनी में है।
कंपनी के वित्तीय नतीजे
Q1 FY26 के नतीजों के अनुसार, ओरिएंटल फाउंड्री प्राइवेट लिमिटेड की नेट सेल्स 4.19% घटकर ₹117.90 करोड़ रही, जबकि नेट प्रॉफिट 0.2% बढ़कर ₹5.87 करोड़ पहुंच गया। सालाना आधार पर FY25 में नेट सेल्स 14% बढ़कर ₹602.22 करोड़ रही और नेट प्रॉफिट 3% बढ़कर ₹29.22 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले तिमाही की तुलना में ऑपरेटिंग प्रॉफिट, पीबीडीटी और नेट प्रॉफिट की ग्रोथ बरकरार रही है।
(यह लेख कोई निवेश सलाह नहीं है इसलिए निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह करें)