30 अक्टूबर 2025 को फार्मा कंपनी Cipla Ltd ने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 7.6% बढ़कर ₹7,589 करोड़ रहा, जो एनालिस्टों की ₹7,370 करोड़ की उम्मीद से अधिक है। पिछली तिमाही में रेवेन्यू ₹7,051 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट 3.7% की वृद्धि के साथ ₹1,351 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि सीएनबीसी का अनुमान ₹1,348 करोड़ था। EBITDA मार्जिन 25% रहा, हालांकि यह पिछले साल के 26.7% की तुलना में कम है।
अमेरिकी और इंटरनेशनल बिजनेस
Cipla की अमेरिका में बिक्री इस तिमाही की मुख्य हाईलाइट रही। अमेरिकी बाजार में कंपनी की सेल्स $233 मिलियन रही, जो सालाना लगभग स्थिर रही और पिछली तिमाही के $226 मिलियन से थोड़ी अधिक रही। यह एनालिस्टों के अनुमान से बेहतर परिणाम है। वहीं, भारत में फॉर्म्युलेशन बिजनेस में 7% की वृद्धि हुई और आंकड़ा ₹3,146 करोड़ रहा। एक अफ्रीका बिजनेस में 5% सालाना उछाल के साथ $134 मिलियन की आय रही। यूरोप और उभरते बाजारों में भी 15% बढ़ोतरी के साथ तिमाही आय $110 मिलियन दर्ज हुई।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी ने बताया कि कैलेंडर वर्ष 2026 तक चार प्रमुख रेस्पिरेटरी प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की योजना है। इनमें से एक, जेनरिक Advair, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य है। Cipla तीन नई पेप्टाइड दवाएं भी लाने वाली है, जिनमें Liraglutide प्रमुख है—ये दवाएं डायबिटीज और मोटापे जैसे रोगों के उपचार में उपयोगी होंगी।
शेयर प्राइस और कंपनी का मार्केट कैप
नतीजों के बाद Cipla के शेयरों में गिरावट आई। 2:17 बजे स्टॉक 2.25% गिरकर ₹1,545.60 पर कारोबार कर रहा था, और इंट्राडे में 4% तक टूट गया। पिछले एक महीने में स्टॉक में 2.8% की बढ़त दर्ज हुई, जबकि साल भर में 8.95% रिटर्न मिला है। Cipla का मार्केट कैप लगभग ₹1.25 लाख करोड़ है।
CEO के इस्तीफे की घोषणा का असर
Cipla के MD और Global CEO उमंग वोहरा ने दोबारा नियुक्ति न लेने का फैसला किया, जिसकी वजह से कंपनी के शेयरों में दबाव बढ़ा। कंपनी ने Achin Gupta को 1 अप्रैल 2026 से नया MD और CEO नियुक्त करने का ऐलान किया है, उनका कार्यकाल पांच साल का होगा और यह शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन रहेगा। उमंग वोहरा Cipla से 2015 में जुड़े और 2016 से CEO पद पर थे।
(यह लेख कोई निवेश सलाह नहीं है इसलिए निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह करें)