Construction Stock : Larsen & Toubro (L&T) भारत की इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है, जो अब इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) में एंट्री की तैयारी कर रही है. कंपनी ने चेन्नई के पास लगभग 200 एकड़ इंडस्ट्रियल जमीन के लिए तमिलनाडु सरकार से बातचीत शुरू की है, जिससे यह नया इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है. L&T की मौजूदा सब्सिडियरी और टेक्नोलॉजिकल बैकग्राउंड इस नई एंट्री को मजबूत शुरुआत देंगे.
EMS सेगमेंट में ग्रोथ के अवसर
इंडस्ट्रियल EMS मार्केट ऑटोमोबाइल, रेलवे, एयरोस्पेस और एनर्जी मैनेजमेंट जैसे हाई-वैल्यू सेक्टरों के लिए कम मात्रा, लेकिन हाई वैल्यू प्रोडक्ट्स मुहैया कराता है. L&T यहां इंटीग्रेटेड कैपिटल इंजीनियरिंग से लेकर एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग तक अपनी मौजूदा ताकत के साथ आगे बढ़ सकता है. कंपनी फिलहाल एनालॉग चिप डिजाइन, IoT मॉड्यूल, ऊर्जा मीटर और डिफेंस-एयरोस्पेस फोकस्ड सॉल्यूशन्स पर भी काम कर रही है. सरकार द्वारा हाल ही में तमिलनाडु में मंजूर किए गए 7 नए इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट्स से इससे जुड़ा पूरा इकोसिस्टम और मजबूत होने जा रहा है, जिसमें L&T की भागीदारी संभावित गेम-चेंजर हो सकती है.
नए ग्लोबल ऑर्डर्स और ऑर्डर बुक का दम
L&T की ऑर्डर बुक लगातार मजबूत हो रही है. अक्टूबर 2025 में कंपनी की पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (PT&D) यूनिट को सऊदी अरब में 380kV ग्रिड सबस्टेशन और 420 km ट्रांसमिशन लाइन बनाने का ऑर्डर मिला है, जिसकी वैल्यू ₹2,500–5,000 करोड़ है. ये प्रोजेक्ट्स सऊदी अरब के नेशनल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोग्राम के हिस्से हैं. वहीं, हैवी इंजीनियरिंग वर्टिकल को भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ₹1,000–2,500 करोड़ के नए क्यू हाई-टेक प्रोजेक्ट्स प्राप्त हुए हैं.
L&T शेयर प्राइस और बाजार प्रदर्शन
29 अक्टूबर 2025 को L&T का शेयर मामूली गिरावट के साथ ₹3,957 पर बंद हुआ, जबकि दिन में ये ₹4,016 पर पहुंच गया, जो इसका 52-वीक हाई है. 52-वीक का लो ₹2,965 है. पिछले 6 महीने में शेयर में 18% उछाल और सालभर में 17% की तेजी रही. फाइव ईयर परफॉर्मेंस देखें तो L&T के शेयर ने 325% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. कंपनी का मार्केट कैप 5,42,354 करोड़ रुपये के करीब है, जिसमें वह भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में गिनी जाती है.
कंपनी की आगे की योजनाएँ
L&T अपनी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेंथ, ऑर्डर बुक और नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से EMS इंडस्ट्री में भारत का बड़ा खिलाड़ी बनने की तैयारी कर रही है. यह बाजार में मौजूदा ग्लोबल प्लेयर्स के मुकाबले नए इन्नोवेशन, क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स, IoT, और एयरोस्पेस-डिफेंस में रफ्तार लाना चाहती है. सरकार का मेक इन इंडिया फोकस और तमिलनाडु का इलैक्ट्रॉनिक्स हब बनने की दिशा में सहयोग इनके विकास को और रफ्तार देंगे.
(यह लेख कोई निवेश सलाह नहीं है इसलिए निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह करें)