Adani Power ने जुलाई-सितंबर 2025 की तिमाही के लिए शुद्ध मुनाफा 2,953 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 3,332 करोड़ रुपये था। यानी शुद्ध मुनाफे में 11.8% की सालाना गिरावट आई है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू इस तिमाही में 1% बढ़कर 13,457 करोड़ रुपये पहुंचा, पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 13,339 करोड़ रुपये था.
ऑपरेटिंग प्रॉफिट और प्रॉफिट मार्जिन
सितंबर तिमाही में Adani Power का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) 2% घटकर 5,150 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली बार 5,276 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी गिरकर 38.27% रहा, जबकि एक साल पहले यही मार्जिन 39.55% था। खर्चों में 4% की बढ़ोतरी के कारण मार्जिन पर दबाव पड़ा है.
तिमाही में बिजली की मांग
तिमाही के दौरान बिजली की मांग सुस्त रही, जिसकी वजह समय से पहले मॉनसून आना बताया गया। मौसम के बदलाव ने पीक और नॉन-पीक आवर्स में डिमांड को प्रभावित किया और व्यापारी बिजली बाजार में टैरिफ कम हुए। कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़कर 18,150 मेगावाट हो गई है, जो पिछले साल Q2 में 17,550 मेगावाट थी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड की 600 मेगावाट क्षमता के अधिग्रहण की वजह से आई है.
ऑपरेशन लागत में बढ़ोतरी
Adani Power का कुल खर्च सितंबर तिमाही में 10,342 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 9,929 करोड़ रुपये था। यानी खर्च में 4% की बढ़त है, जिससे मुनाफा प्रभावित हुआ है.
शेयरों का प्रदर्शन और निवेशकों की स्थिति
तीसरी तिमाही नतीजों के बाद अदाणी पावर का शेयर एनएसई पर मामूली बढ़त के साथ 162.17 रुपये के भाव पर कारोबार करता दिखा। जबकि इस साल की शुरुआत से शेयर में लगभग 54% की गिरावट आई है। कंपनी ने हाल ही में 1:5 का स्टॉक स्प्लिट भी किया है, जिससे शेयरों की संख्या बढ़ गई और प्रति शेयर मूल्य घटा है.
भविष्य की योजनाएं और कारोबार विस्तार
Adani Power के सीईओ एस बी ख्यालिया के अनुसार, कंपनी ने 2031-32 तक उत्पादन क्षमता को 42 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में 23.7 GW के नए विस्तार के लिए जमीन और उपकरण की व्यवस्था हो चुकी है और परियोजनाओं का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.
(यह लेख कोई निवेश सलाह नहीं है इसलिए निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह करें)