Pasupati Acrylon Limited को भारत की बड़ी तेल कंपनियों BPCL, IOCL और HPCL से 32,320 किलोलीटर एथनॉल सप्लाई का टेंडर मिला है। इस ऑर्डर की कुल अनुमानित वैल्यू लगभग ₹215 करोड़ है। यह अलॉटमेंट Ethanol Blended Petrol Programme (EBPP) के तहत Ethanol Supply Year 2025-26 के लिए है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी कि उन्होंने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के टेंडर में भाग लिया था, उसी में यह बड़ा सप्लाई ऑर्डर मिला है.
शेयर की मौजूदा स्थिति
ऑर्डर मिलते ही Pasupati Acrylon के शेयर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। गुरुवार के ट्रेडिंग सेशन में शेयर बीएसई पर करीब 13% तक बढ़ा और सप्ताह भर में कुल मिला कर 24% के आसपास चढ़ चुका है। शुक्रवार को भी इसमें 2% तेजी देखी गई। शेयर का भाव 54.44 रुपये पर बंद हुआ और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹484 करोड़ रहा। बीते एक महीने में यह स्टॉक लगभग 18% बढ़ चुका है, जबकि एक साल में 15% का रिटर्न दिया है.
ऑर्डर से कंपनी पर असर
₹215 करोड़ के ऑर्डर से कंपनी के लिए वार्षिक आय में करीब 40% की वृद्धि होने का अनुमान है। यह डील Pasupati Acrylon की कुल मार्केट कैप के लगभग आधे के बराबर है। इससे आने वाले वित्तवर्षों में कंपनी की आय और ऑर्डर बुक मजबूत बने रहने की संभावना है। बता दें कि EBPP का मुख्य उद्देश्य देश में पेट्रोल में एथनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देना और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना है.
वित्तीय नतीजे – ताजे आंकड़े
Pasupati Acrylon ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में ₹216.05 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल इसी तिमाही के ₹154.8 करोड़ से कहीं ज्यादा है। हालाँकि, इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 84% घटकर महज ₹1.75 करोड़ रह गया, जबकि बीते साल की समान तिमाही में यह ₹11.25 करोड़ था। इसका मुख्य कारण कंपनी के खर्चों का बढ़ना बताया गया है। जून 2025 में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 4% रहा और मरकज़ी आमदनी का ज़्यादातर हिस्सा एथनॉल बिजनेस से आया.
बिजनेस मॉडल और भविष्य की रणनीति
Pasupati Acrylon ऐक्रिलिक फाइबर, टॉव, टॉप्स और कास्ट पॉलीप्रोपाइलीन (CPP) फिल्म बनाती है। कंपनी ने हाल में जैव-ईंधन और पेट्रोलियम से जुड़े नए सेगमेंट में विस्तार किया है। ग्रोथ में आए उछाल के बावजूद मार्जिन में दबाव है, जिसका कारण उच्च उत्पादन लागत और प्रतिस्पर्धी मूल्य स्थिति है। कंपनी का फोकस नए ऑर्डर और गवर्नमेंट पॉलिसी सपोर्ट के जरिए बिजनेस की सस्टेनेबिलिटी बढ़ाने पर है.
(यह लेख कोई निवेश सलाह नहीं है इसलिए निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह करें)