ICICI Securities ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर अपनी रेटिंग ADD से अपग्रेड कर BUY कर दी है। ब्रोकरेज ने 24 अक्टूबर के क्लोजिंग प्राइस ₹1,448 से करीब 20% अपसाइड के साथ ₹1,735 रुपये का टारगेट दिया है, जो पहले 1,610 रुपये रखा गया था। यह अपग्रेड डिजिटल सेवाओं, रिटेल सेगमेंट, नई ऊर्जा और मीडिया कारोबार की मजबूती को ध्यान में रखते हुए किया गया। FY26-28 के लिए कंपनी का EPS CAGR 15% रहने का अनुमान है और ऑपरेशनल स्तर पर ROCE, फ्री कैश फ्लो यील्ड में भी सुधार की संभावना जताई गई है।
तेल, रिटेल और टेलीकॉम
रिलायंस इंडस्ट्रीज के तीन प्रमुख बिजनेस—तेल, रिटेल और टेलीकॉम आने वाले तीन वर्षों के लिए कंपनी को स्थिरता और ग्रोथ देने वाले मुख्य स्तंभ होंगे। FY25 से FY28 के बीच कंपनी के कंसॉलिडेटेड EPS में लगभग 15% CAGR का अनुमान ब्रोकरेज ने प्रस्तुत किया है। तेल-सेगमेंट में घरेलू मांग के चलते EBITDA में मजबूती आई है, वहीं रिटेल और टेलीकॉम सेगमेंट आक्रामक विस्तार के रास्ते पर है।
Jio Platforms के बारे में
ब्रोकरेज के अनुसार, Jio Platforms रिलायंस की सबसे मजबूत ग्रोथ ट्रिगर साबित होगी। FY25 से FY28 के बीच Jio का फ्री कैश फ्लो लगभग 3 गुना बढ़कर 558 अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। ROCE में करीब 700 बेसिस पॉइंट सुधार आ सकता है। डिजिटल बिजनेस की वैल्यूएशन, FWA, डिजिटल सर्विसेज और वैश्विक टेक स्टैक मोनेटाइजेशन के जरिए मजबूत बनेगी। Q2FY26 में Jio के डिजिटल सेगमेंट का EBITDA 17% YoY से बढ़ा है, और नए सब्सक्राइबर बेस में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है।
रिटेल बिजनेस की रफ्तार
रिलायंस रिटेल सेगमेंट लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है। तिमाही नतीजों में रिटेल की रेवन्यू ग्रोथ 18% तक रही है और EBITDA 12-15% तक बढ़ा है। रिटेल डिवीजन में फुटफॉल, स्टोर्स की संख्या, और प्राइवेट लेबल में विस्तार सेगमेंट के लिए मजबूती का संकेत देते हैं। FMCG डिवीजन RCPL की लिस्टिंग और ओम्नी-चैनल नेटवर्क एक्सपैंशन भविष्य की ग्रोथ को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
न्यू एनर्जी बिजनेस की संभावनाएं
रिलायंस ने ग्रीन एनर्जी, सोलर, बैटरी स्टोरेज और हाइड्रोजन में भारी निवेश किया है। कंपनी का नेक्स्ट-जनरेशन एनर्जी वेंचर (₹1.5 लाख करोड़) अगले साल से रेवन्यू और EBITDA में योगदान देने लगेगा। कंपनी सौर मॉड्यूल, बैटरी, हाइड्रोजन समेत पांच giga factories तैयार कर रही है, जिससे लंबी अवधि तक हाई ROCE और स्थिर कैश फ्लो का लक्ष्य है।
मीडिया सेगमेंट की स्थिति
रिलायंस का मीडिया डिवीजन, जिसमें OTT, Sports और Broadcasting शामिल है, Q2FY26 में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर चुका है, और EBITDA मार्जिन 28.1% तक पहुंचा है। JioStar, कंटेंट इकोसिस्टम और डिजिटल साझेदारियां कंपनी के मीडिया वर्टिकल को आने वाले वर्षों में ऊंचे स्तर पर ले जा सकती हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलग-अलग वर्टिकल, जैसे डिजिटल, रिटेल, न्यू एनर्जी और मीडिया मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं। कंपनी मल्टी-इंजन ग्रोथ मॉडल में प्रवेश कर चुकी है, जिससे भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन मल्टीपल में री-रेटिंग की संभावना है। ब्रोकरेज का स्पष्ट आकलन है कि 12 महीने के भीतर शेयर प्राइस ₹1,735 तक पहुंच सकता है।