कमजोर बाजार में रॉकेट बना Suzlon Energy, 5% उछलें शेयर, क्या जाएगा ₹70 के पार?

मंगलवार को Suzlon Energy के शेयर में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। शेयर ₹53.70 के स्तर पर खुला और ट्रेडिंग के कुछ ही समय में ₹56 के पार पहुंच गया। कुल मिलाकर लगभग 80.84 लाख शेयरों का वॉल्यूम रहा, जिससे मार्केट में मजबूत गतिविधि दिखी। दिन के दौरान डिलीवेरेबल वॉल्यूम भी ऊँचा रहा, इसका मतलब है कि लंबे समय के निवेशकों ने अपनी होल्डिंग बढ़ाई है। ट्रेडर्स ने तिमाही नतीजों से पहले कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी की, जिससे दिन में हल्की कमजोरी देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, स्टॉक में ₹45 का स्टॉप लॉस रखना चाहिए और बेहतर ट्रेंड के साथ आगे ₹70 तक का टारगेट संभव है।​

सुजलॉन की मजबूत ऑर्डर बुक

Suzlon Energy ने हाल ही में PSU और कमर्शियल क्लाइंट्स से कई अहम ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक अब 5.9 गीगावॉट (GW) के पार चली गई है, जो अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। खासतौर पर जिंदल ग्रीन विंड जैसे बड़े इंडस्ट्रियल ग्रुप्स से बड़े ऑर्डर मिले हैं। हाल की डील में जिंदल ग्रीन विंड के लिए कंपनी 204.75 MW विंड टर्बाइन सप्लाई कर रही है, जिससे इंडस्ट्रीयल क्लाइंट्स का भरोसा मजबूत हुआ है। इन ऑर्डर्स के चलते कंपनी के कमर्शियल और औद्योगिक (C&I) पोर्टफोलियो में 59% का योगदान रहा है, जबकि ऑर्डर बुक ने रिकॉर्ड ग्रोथ दिखाई है।

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Q2 तिमाही नतीजों की उम्मीद

कंपनी 30 अक्टूबर 2025 को Q2 FY26 के नतीजे जारी करेगी। ब्रोकरेज हाउस के अनुमान के मुताबिक, इस तिमाही में Suzlon Energy का रेवेन्यू 39% बढ़कर लगभग ₹2,915.90 करोड़ पहुंच सकता है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,103.40 करोड़ था। नेट प्रॉफिट अनुमानित तौर पर 28% बढ़कर ₹257.50 करोड़ हो सकता है। तिमाही के दौरान डिलीवरी 375 MW रही, जिसमें मार्जिन के कम रहने की संभावना है क्योंकि भारी बारिश और ऑपरेशनल कॉस्ट के बढ़ने से असर पड़ा है। मार्जिन लगभग 16% रहने की उम्मीद है, जो पिछले क्वार्टर की तुलना में थोड़ा कम है।

पिछली तिमाही (Q1 FY26) का प्रदर्शन

Q1 FY26 में कंपनी ने ₹324 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि डिलीवरी 444 मेगावॉट की रही। रेवेन्यू ₹3,117 करोड़ रहा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 54% की वृद्धि देखी गई। नेट कैश पोजीशन भी ₹1,620 करोड़ पर रही। कंपनी ने फिक्स्ड कॉस्ट और इन्वेंट्री बिल्ड-अप को स्थिर रखने पर फोकस किया था। डिलीवरी रैंप-अप में भी उल्लेखनीय सुधार रहा, जिससे आगे की ग्रोथ बेहतर होने की उम्मीद बनी है।

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Suzlon Energy के फंडामेंटल

सुजलॉन एनर्जी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं। ऑर्डर बुक और डिलीवरी परफॉर्मेंस आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी के ग्रोथ को मुख्य रूप से प्रभावित करेंगे। रिटेल और लॉन्ग-टर्म निवेशक लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। कंपनी का ध्यान डिलीवरी बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है ताकि भविष्य के ऑर्डर को समय पर पूरा किया जा सके।

(यह लेख कोई निवेश सलाह नहीं है इसलिए निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह करें)

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