टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Steel के शेयर में इस हफ्ते जबरदस्त रौनक देखने को मिली। कंपनी का शेयर 1.04 फीसदी बढ़कर 174.60 रुपये पर बंद हुआ। बाजार में यह तेजी उस समय आई जब मशहूर ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा (Nomura) ने टाटा स्टील के शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी और 215 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया। इसका मतलब है कि नोमुरा को उम्मीद है कि आने वाले समय में टाटा स्टील के शेयर की कीमत और बढ़ेगी।
Tata Steel में 52 हफ्ते के हाई-लो का हाल
अगर पिछले एक साल के आंकड़े देखें तो जनवरी 2025 में Tata Steel का शेयर 122.60 रुपये पर था, जो इसका 52 हफ्ते का सबसे निचला स्तर था। वहीं, 9 अक्टूबर 2025 को यह 177.85 रुपये तक पहुंच गया, जो 52 हफ्ते का हाई है। यानी सिर्फ कुछ महीनों में ही शेयर ने लगभग 45% की बढ़त दी है। निवेशकों के लिए यह साफ संकेत है कि टाटा स्टील लगातार मजबूत हो रही है और मार्केट में इसका भरोसा बढ़ रहा है।
टाटा स्टील शेयर पर नोमुरा का टारगेट
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में Tata Steel पर भरोसा दिखाया है। उसने शेयर के लिए 215 रुपये का लक्ष्य तय किया है और कहा है कि कंपनी लंबी अवधि में बढ़िया रिटर्न दे सकती है। नोमुरा का मानना है कि टाटा स्टील की मजबूती पांच बड़े कारणों से है — घरेलू मांग में तेजी, कलिंगनगर प्लांट का बेहतर उपयोग, यूरोप में सुधार की उम्मीदें, अपनी खदानों से लागत में फायदा, और कंपनी का आकर्षक वैल्यूएशन। इन कारणों से टाटा स्टील आने वाले सालों में और अच्छा प्रदर्शन करने की स्थिति में है।
और क्या-क्या है Nomura की Report में
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि Tata Steel का भारतीय कारोबार बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कंपनी के पास प्लांट की क्षमता बढ़ाने और ऑपरेशन को और प्रभावी बनाने की मजबूत योजना है। साथ ही कंपनी स्थिरता यानी पर्यावरण अनुकूल उत्पादन पर भी ध्यान दे रही है, जिससे उसके मार्जिन में और सुधार होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का एसेट यूज़ यानी परिसंपत्ति उपयोग वित्त वर्ष 2028 तक 96% तक पहुंच सकता है। यह एक मजबूत संकेत है कि कंपनी लगातार बेहतर दक्षता की ओर बढ़ रही है।
Tata Steel की Q2 में उत्पादन और बिक्री
वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही में टाटा स्टील इंडिया का कच्चे इस्पात का उत्पादन सात प्रतिशत बढ़कर 56.7 लाख टन तक पहुंच गया। झारखंड के जमशेदपुर में ब्लास्ट फर्नेस की मरम्मत यानी ‘रीलाइनिंग’ का काम पूरा होने के बाद उत्पादन सामान्य हो गया, जिससे कंपनी की कुल क्षमता बढ़ गई। इसी वजह से कंपनी अब ज्यादा स्टील बना पा रही है।
सिर्फ उत्पादन ही नहीं, Tata Steel की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तिमाही में कंपनी की कुल बिक्री 55.6 लाख टन रही, जबकि पिछले साल की वही अवधि में यह 51.1 लाख टन थी। यानी कंपनी ने साल भर में करीब 8 प्रतिशत ज्यादा स्टील बेचा। यह साफ दिखाता है कि बाजार में टाटा स्टील के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, खासतौर पर निर्माण और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स से।
(यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई बातें किसी निवेश सलाह के रूप में न समझें। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले हमेशा अपनी रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।)